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प्रॉपर्टी पर TDS कैसे काटें: धारा 393 और फॉर्म 141 की पूरी गाइड (2026)

1 अप्रैल 2026 से भारत में संपत्ति खरीद का TDS नियम बदल गया है। पुरानी धारा 194-IA और फॉर्म 26QB बंद हो गया है। अब नया नाम है — धारा 393 और फॉर्म 141।

अगर आप ₹50 लाख या उससे अधिक की संपत्ति खरीद रहे हैं और अभी भी पुराने नियम से काम कर रहे हैं, तो सिस्टम रिजेक्शन और जुर्माने के लिए तैयार रहें।

TDS काटने की जिम्मेदारी किसकी है?

खरीदार की। यह सबसे बड़ी गलतफहमी है जो पहली बार खरीदने वाले करते हैं — वे मानते हैं कि TDS विक्रेता भरता है।

नहीं। आयकर अधिनियम 2025 की धारा 393 के तहत, यदि आप ₹50 लाख या उससे ऊपर की संपत्ति खरीद रहे हैं, तो आपको विक्रेता को भुगतान करते समय 1% TDS काटना होगा। यह TDS आपको सरकारी खाते में जमा करना होगा।

अगर आपने TDS नहीं काटा या देर से जमा किया, तो जुर्माना आप पर लगेगा — विक्रेता पर नहीं।

कब-कब TDS काटना होता है?

एकमुश्त भुगतान (Lump Sum): संपत्ति की पूरी रकम एक बार देने पर पूरी राशि का 1% काटें।

किस्तों में भुगतान (Under-Construction Property): अगर आप निर्माणाधीन फ्लैट के लिए किस्तें दे रहे हैं, तो हर किस्त पर अलग-अलग TDS काटना होगा और हर बार फॉर्म 141 फाइल करना होगा।

उदाहरण: ₹80 लाख की संपत्ति के लिए 10 किस्तें हैं। हर किस्त ₹8 लाख की है। प्रत्येक किस्त पर ₹8,000 TDS काटें (1%) और हर बार फॉर्म 141 दाखिल करें।

TDS की गणना किस राशि पर होती है?

यह महत्वपूर्ण बदलाव है जो बहुत कम लोग जानते हैं।

धारा 393 के तहत TDS सिर्फ मूल संपत्ति मूल्य पर नहीं बल्कि कुल विचार मूल्य (Total Consideration) पर लागू होता है। इसमें शामिल है:

  • मूल फ्लैट की कीमत
  • कार पार्किंग शुल्क
  • क्लब मेंबरशिप शुल्क
  • बिजली/पानी कनेक्शन शुल्क
  • अग्रिम मेंटेनेंस डिपॉजिट

यानी, अगर फ्लैट की कीमत ₹48 लाख है लेकिन पार्किंग और क्लब जोड़कर कुल ₹52 लाख होता है, तो TDS की जिम्मेदारी बनती है।

इसके अलावा, TDS उस राशि पर लागू होगा जो अधिक हो — वास्तविक बिक्री मूल्य या स्टाम्प ड्यूटी मूल्य (Circle Rate)।

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फॉर्म 141 कैसे भरें — स्टेप बाय स्टेप

जरूरी चीजें:

  • आपका PAN नंबर
  • विक्रेता का PAN नंबर (अनिवार्य — बिना PAN के TDS 20% हो जाएगा)
  • संपत्ति का पूरा पता
  • कुल लेनदेन राशि
  • भुगतान की तारीख

Step 1: incometax.gov.in पर जाएं और अपने PAN से लॉगिन करें।

Step 2: "e-Pay Tax" सेक्शन में जाएं।

Step 3: "TDS on Sale of Property — Form 141" विकल्प चुनें।

Step 4: विक्रेता का PAN, संपत्ति का पता, लेनदेन राशि और TDS की रकम भरें।

Step 5: Assessment Year भरें (2026-27 के लिए 2027-28)।

Step 6: नेट बैंकिंग या UPI से TDS राशि जमा करें।

Step 7: Challan receipt डाउनलोड करें — यह आपके रजिस्ट्री के समय उप-पंजीयक कार्यालय में दिखाना पड़ सकता है।

TDS जमा करने की समय सीमा

विक्रेता को भुगतान की तारीख से 30 दिनों के भीतर TDS जमा करना अनिवार्य है।

देर से जमा करने पर पेनल्टी

यह नंबर याद कर लें क्योंकि ये जेब से जाते हैं:

उल्लंघन जुर्माना
TDS काटने में देरी 1% प्रति माह
TDS काटने के बाद जमा न करना 1.5% प्रति माह
फॉर्म 141 देर से दाखिल करना ₹200 प्रतिदिन
विक्रेता का PAN न होने पर TDS दर 20% हो जाएगी

व्यावहारिक उदाहरण: ₹70 लाख की संपत्ति पर TDS राशि ₹70,000 है। अगर यह 2 महीने देर से जमा हुई, तो 1.5% × 2 = 3% अतिरिक्त, यानी ₹2,100 अतिरिक्त ब्याज।

ITAT का महत्वपूर्ण निर्णय — संयुक्त खरीदारों को राहत

आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) के एक महत्वपूर्ण फैसले के अनुसार: अगर दो लोग मिलकर संपत्ति खरीद रहे हैं और दोनों का हिस्सा ₹50 लाख से कम है, तो TDS लागू नहीं होगा।

उदाहरण: पति और पत्नी मिलकर ₹90 लाख की संपत्ति खरीद रहे हैं। दोनों का हिस्सा 50-50% यानी ₹45-45 लाख है। इस स्थिति में किसी पर भी TDS दायित्व नहीं बनता।

लेकिन यह राहत तभी मिलती है जब Sale Deed में दोनों का हिस्सा स्पष्ट रूप से अंकित हो।

एक चेतावनी

उप-पंजीयक कार्यालयों में रजिस्ट्री के दिन यह सबसे आम समस्या है: खरीदार TDS जमा करना भूल जाते हैं या पुराने फॉर्म 26QB से जमा करने की कोशिश करते हैं जो अब काम नहीं करता। इससे रजिस्ट्री उसी दिन रोकी जा सकती है।

रजिस्ट्री की तारीख से कम से कम एक हफ्ता पहले TDS जमा करें और Challan लेकर जाएं।

NRI (अनिवासी भारतीय) से संपत्ति खरीदने पर TDS के विशेष नियम

अगर विक्रेता NRI है, तो TDS के नियम अलग हैं:

  • Long-Term Capital Gain (LTCG — 2 साल से ज्यादा पुरानी संपत्ति): 20% TDS + Surcharge + Cess
  • Short-Term Capital Gain (2 साल से कम): आयकर स्लैब के अनुसार TDS (30% तक)

NRI विक्रेता से Lower Deduction Certificate (Form 13) लेने पर TDS कम हो सकता है।

NRI से खरीद में यह TDS रकम बहुत बड़ी हो जाती है — इसलिए हमेशा CA से सलाह लें।

धारा 393 बनाम पुरानी धारा 194-IA — मुख्य बदलाव

1 अप्रैल 2026 के बाद की संपत्ति खरीद के लिए धारा 194-IA अब लागू नहीं है।

पहलू पुरानी धारा 194-IA नई धारा 393
Form 26QB 141
Applicable from Pre-April 2026 1 April 2026+
TDS Rate 1% 1% (NRI के लिए अलग)
Aggregate Value Basic price Total Consideration (Parking, Club आदि सहित)

अगर आपने 31 मार्च 2026 से पहले कोई किस्त दी थी — उस पर 26QB से TDS जमा करना सही था। 1 अप्रैल 2026 के बाद की किस्तों पर Form 141 जरूरी है।

TDS Mismatch — एक आम समस्या

Registration के समय उप-पंजीयक यह जांचता है कि TDS जमा हुई है या नहीं। अगर TDS Form (141) में विवरण गलत हो:

  • Seller का PAN गलत हो
  • Property Address मेल न खाए
  • Assessment Year गलत हो

तो Registration रोकी जा सकती है। इसलिए TDS जमा करने के बाद Challan में सभी details एक बार जरूर जांचें।

TDS, स्टाम्प ड्यूटी, RERA वेरिफिकेशन और रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया को एक साथ समझने के लिए हमारी पहला घर खरीदने की पूरी गाइड देखें — जो खासतौर पर भारतीय पहली बार खरीदारों के लिए बनाई गई है।

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